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चन्द पंक्तियाँ

ये चन्द पंक्तियाँ जिसने भी लिखी है खूब लिखी है : ➖➖➖➖➖ एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर जाता है और भगवान बन जाता है .. इंसान हर रोज़ मंदिर जाते है फिर भी पथ्थर ही रहते है। ➖➖➖➖➖ एक औरत बेटे को जन्म देने के लिये अपनी सुन्दरता त्याग देती है....... और वही बेटा एक सुन्दर बीवी के लिए अपनी माँ को त्याग देता है। ➖➖➖➖➖ जीवन में हर जगह हम "जीत" चाहते हैं... सिर्फ फूलवाले की दूकान ऐसी है जहाँ हम कहते हैं कि "हार" चाहिए.. क्योंकि हम भगवान से "जीत" नहीं सकते। ➖➖➖➖➖ हम और हमारे ईश्वर, दोनों एक जैसे हैं.. हम दोनों ही रोज़ भूल जाते हैं.. वो हमारी गलतियों को.. और हम उसकी मेहरबानियों को। ➖➖➖➖➖ वक़्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ..... पर अपनों का पता चलता है, वक़्त के साथ... वक़्त नहीं बदलता अपनों के साथ, पर अपने ज़रूर बदल जाते हैं वक़्त के साथ। ➖➖➖➖➖ ज़िन्दगी पल-पल ढलती है, जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है... शिकवे कितने भी हो हर पल, फिर भी हँसते रहना.. क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है, बस एक ही बार मिलती है। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Sent from my Windows Phon...

महत्वपूर्ण समाचारः-

ये याद रखिये की भारत मैं सबसे ज्यादा मौते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं। आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे। अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों (heart patients) को अरबों की दवाई बेच रही हैं ! लेकिन अगर आपको कोई तकलीफ हुई तो डॉक्टर कहेगा angioplasty (एन्जीओप्लास्टी) करवाओ। इस ऑपरेशन मे डॉक्टर दिल की नली में एक spring डालते हैं जिसे stent कहते हैं। यह stent अमेरिका में बनता है और इसका cost of production सिर्फ 3 डॉलर (रू.150-180) है। इसी stent को भारत मे लाकर 3-5 लाख रूपए मे बेचा जाता है व आपको लूटा जाता है। डॉक्टरों को लाखों रूपए का commission मिलता है इसलिए व आपसे बार बार कहता है कि angioplasty करवाओ। Cholestrol, BP ya heart attack आने की मुख्य वजह है, Angioplasty ऑपरेशन। यह कभी किसी का सफल नहीं होता। क्यूँकी डॉक्टर, जो spring दिल की नली मे डालता है वह बिलकुल pen की spring की तरह होती है। कुछ ही महीनो में उस spring की दोनों साइडों पर आगे व पीछे blockage (cholestrol व fat) जमा होना शुरू हो जाता है।...

बहुत ही सुंदर पंक्तियां

एक मित्र ने बहुत ही सुंदर पंक्तियां भेजी है, फारवर्ड करने से खुद को रोक नहीं पाया .... जीभ जन्म से होती है  और मृत्यु तक रहती है..... क्योकि वो कोमल होती है. दाँत जन्म के बाद में आते है  और मृत्यु से पहले चले जाते हैं..  क्योकि वो कठोर होते है।  छोटा बनके रहोगे तो  मिलेगी हर बड़ी रहमत... बड़ा होने पर तो  माँ भी गोद से उतार देती है. Sent from my Windows Phone

एक ट्रक में मारबल जा रहा था।

एक ट्रक में मारबल जा रहा था। उसमें एक भगवान की मूर्ति, और चकोर टाइल्स साथ- साथ जा रही थी। रास्ते में आपस में टकराते (टक-टक-टक) हुए टाइल्स ने भगवान् की मूर्ति से कहा... भाई उपर वाले के द्वारा हम दोनों के साथ यह भेदभाव क्यों ? मूर्ति: कैसा भेदभाव ? टाइल्स: भाई तुम भी पत्थर, मैं भी पत्थर, तुम भी उसी खान से निकले जिससे मैं निकला, तुम उसी के द्वारा बेचे और खरीदें गये जिनके द्वारा मैं तुम भी उसी ट्रक में जा रहे हो जिसमें मैं, तुम भी उसी मंदिर में लगाए जाओगे जिसमें मैं, लेकिन मेरे भाई तेरी तो पूजा होगी, और मैं पावं तले कुचला जाऊँगा। यह भेदभाव आखिर क्यों ? मूर्ति: सुनो, जब हमें छेनी-हथोड़े से तराशा जा रहा था, तब तुम चोट बरदाश्त नहीं कर सके और टूट गये। मैं चोट को बरदाश्त करता गया। कभी आखँ बनी, कभी नाक बनी, कभी पैर बने, कभी हाथ। ऐसी लाखों करोड़ों चोटें सहन की मैंने। चोट सहते-सहते... मेरा रूप निखर गया और मैं पूजनीय हो गया। तुम सह नहीं सके और खंडित हो गये। तुम्हारे छोटे-छोटे टुकड़े हो गये और तुम कुचलनीय हो गये.. मित्रों, कितनी भी खराब परिस्थिति आए...टूटना नहीं, अपनी चाल चलते जाना...तेज...धीरे...या बह...

मौत के बाद क्या होता है?

'न तो यह शरीर तुम्हारा है और न ही तुम इस शरीर के हो। यह शरीर पांच तत्वों से बना है- अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश। एक दिन यह शरीर इन्हीं पांच तत्वों में विलीन हो जाएगा।'- भगवान कृष्ण जब शरीर छूटता है तो व्यक्ति के साथ क्या होता है यह सवाल सदियों पुराना है। इस संबंध में जनमानस के चित्त पर रहस्य का पर्दा आज भी कायम है जबकि इसका हल खोज लिया गया है। फिर भी यह बात विज्ञान सम्मत नहीं मानी जाती, क्योंकि यह धर्म का विषय है। मुख्यत: तीन तरह के शरीर होते हैं- स्थूल, सूक्ष्म और कारण। व्यक्ति जब मरता है तो स्थूल शरीर छोड़कर पूर्णत: सूक्ष्म में ही विराजमान हो जाता है। सूक्ष्म शरीर के विसरित होने के बाद व्यक्ति दूसरा शरीर धारण कर लेता है, लेकिन कारण शरीर बीज रूप है जो अनंत जन्मों तक हमारे साथ रहता है। आत्मा पर छाई धुंध : व्यक्ति रोज मरता है और रोज पैदा होता है, लेकिन उसे इस बात का आभास नहीं होता। प्रतिपल व्यक्ति जाग्रत, स्वप्न और फिर सुषुप्ति अवस्था में जिता है। मरने के बाद क्या होता है यह जानने के लिए सर्वप्रथम व्यक्ति के चित्त की अवस्था जानना जरूरी है या कहना चाहिए की आत्मा के ऊपर छाई भ...

हमारी परंपराओं के पीछे के वैज्ञानिक रहस्‍य

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हमारी परंपराओं के पीछे कई सारे वैज्ञानिक रहस्‍य छिपे हुए हैं, जिन्‍हें हम नहीं जान पाते क्‍योंकि इसकी शिक्षा हमें कहीं नहीं दी गई है। भगवान शिव को सावन के महीने में ढेरो टन दूध यह सोंच कर चढ़ाया जाता है कि वे हमसे प्रसन्‍न होंगे और हमें उन्‍नती का मार्ग दिखाएंगे। लेकिन श्रावण मास में शिवलिंग पर दूध चढ़ाने के पीछे क्‍या कारण छुपा हुआ है | भगवान शिव एक अकेले ऐसे देव हैं जिनकी शिवलिंग पर दूध चढ़ाया जाता है। शिव भगवान दूसरों के कल्याण के लिए हलाहल विषैला दूध भी पी सकते हैं। शिव जी संहारकर्ता हैं, इसलिए जिन चीज़ों से हमारे प्राणों का नाश होता है, मतलब जो विष है, वो सब कुछ शिव जी को भोग लगता है। धतूरे जैसी विषैली चीज को हम शिव को अर्पित करते हैं!! चलो अब मुद्दे की बात – 1. वात-पित्त कफ, इन तीनों के असुंतलन से बीमारियाँ होती हैं और श्रावण मास वात की बीमारियाँ सबसे अधिक होती हैं। थोड़ा वात के बारे में बता दें – “वात के बिगड़ने से मुख्यतः ८० विमारियां होती है जैसे हड्डियों और मांसपेशियों में जकड़न, याद दास्त की कमी ,फटी एड़िया, सूखी त्वचा, किसी भी तरह का दर्द, लकवा, भ्रम, विषाद, कान व आ...

प्राचीन वैदिक भारत की विश्व को देन

लश्कर-ए-मीडिया वालों जरा देखो, कि जब भारत पूरी तरह से वैदिक हिन्दू राष्ट्र था यानि तुम्हारे शब्दों में “साम्प्रदायिक” था. . तब वो कैसा था | प्राचीन वैदिक भारत की विश्व को देन 1. जब कई संस्कृतिया 5000 साल पहले ही घुमंतू जंगली और खानाबदोश थी, तब भारतीय सिंधु घाटी (सिंधुघाटी सभ्यता) में हड़प्पा संस्कृति की स्थापना की | 2. बीज गणित, त्रिकोण मिति और कलन का अध्ययन प्राचीन भारत में ही आरंभ हुआ था | 3. ‘स्थान मूल्य प्रणाली’ और ‘दशमलव प्रणाली’ का विकास भारत में 100 बी सी में हुआ था | 4. शतरंज की खोज भारत में की गई थी | 5. विश्व का प्रथम ग्रेनाइट मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में बृहदेश्वर मंदिर है | इस मंदिर के शिखर ग्रेनाइट के 80 टन के टुकड़े से बनें हैं यह भव्य मंदिर राजा राज चोल के राज्य के दौरान केवल 5 वर्ष की अवधि में (1004 ए डी और 1009 ए डी के दौरान) निर्मित किया गया था | 6. सांप सीढ़ी का खेल तेरहवीं शताब्दी में कवि संत ज्ञान देव द्वारा तैयार किया गया था इसे मूल रूप से मोक्षपट कहते थे | इस.खेल में सीढियां वरदानों का प्रतिनिधित्व करती थीं जबकि सांप अवगुणों को दर्शाते थे | इस खेल ...

पत्तल में भोजन करने के अद्भुत लाभ

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा, कि हमारे देश में 2000 से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार किये जाने वाले, पत्तलों और उनसे होने वाले लाभों के विषय में पारम्परिक चिकित्सकीय ज्ञान उपलब्ध है, पर मुश्किल से पाँच प्रकार की वनस्पतियों का प्रयोग हम अपनी दिनचर्या मे करते हैं। आम तौर पर केले की पत्तियो में खाना परोसा जाता है। प्राचीन ग्रंथों में केले की पत्तियों पर परोसे गये भोजन को, स्वास्थ्य के लिये लाभदायक बताया गया है। आजकल महंगे होटलों और रिसोर्ट मे भी केले की पत्तियों का यह प्रयोग होने लगा है। 1. पलाश के पत्तल में भोजन करने से, स्वर्ण के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है। 2. केले के पत्तल में भोजन करने से, चांदी के बर्तन में भोजन करने का पुण्य व आरोग्य मिलता है। 3. रक्त की अशुद्धता के कारण होने वाली बीमारियों के लिये, पलाश से तैयार पत्तल को उपयोगी माना जाता है। पाचन तंत्र सम्बन्धी रोगों के लिये भी, इसका उपयोग होता है। आम तौर पर लाल फूलों वाले पलाश को हम जानते हैं, पर सफेद फूलों वाला पलाश भी उपलब्ध है। इस दुर्लभ पलाश से तैयार पत्तल को बवासीर (पाइल्स) के रोगियों के लिये...

कुंडली मिलाप क्यों ?

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संभावित दूल्हा और दुल्हन के मध्य संवादिता सुनिश्चित करने के लिये उनकी कुडली का मिलान करना ही एक विकल्प है। विवाह के बाद युगल एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। एक बार विवाह हो जाये उसके पश्चात उनकी कुडली जीवन भर के लिये उनके भविष्य और जीवनप्रणली को प्रभावित करती है। कुंडली मिलाप में हर घटक को एक निश्चित अंक दिया गया है जो इस तरह हैं- वर्ण को1 अंक , वैश्य को 2, दिन को 3, योनी को 4, ग्रह मैत्री को 5, गण को 6, भकूट को 7 और नाड़ी को 8 अंक दिया गया है । सबका जोड़ कुल 36 अंक होते हैं। 36 में 18 अंक 50 % हुआ जिसे औसत माना जाता है और 28 अंक मिले तो संतोषजनक मानते हैं। इससे सुख, सन्तान, धन और स्थिरता सामान्य रहती है। किस गुण से क्या पता चलता है – १.. वर्ण-दोनों का वर्ण समान होना चाहिए। वर्ण न मिले तो पारस्परिक वैचारिक मतभेद रहने के कारण परस्पर दूरी रहती है, सन्तान होने में बाधाएं या परेशानियां आती हैं एवं कार्यक्षमता प्रभावित होती है। 2. वश्य-यदि ये न मिले तो जिद्द, क्रोध एवं आक्रामकता रहती है और ये तीनों पारिवारिक जीवन के लिए अच्छे नहीं हैं। इससे परस्पर सांमजस्य नहीं हो पाता है और गृहक्...

Interviews

❤❤ हृदय की देखभाल❤❤ चिकित्सा संसार ट्रस्ट द्वारा जनहित में जारी एक चर्चा डाॅ. देवी शेट्टी से (जो कि नारायणा हृदयालया बैंगलोर में हार्ट स्पेशलिस्ट हैं,) से विप्रो द्वारा की गई, जिसके प्रमुख अंश नीचे दिये जा है (हिंदी रूपांतरण) ❤प्रश्न 1- एक आम आदमी के लिये अपने हृदय की सुरक्षा के नियम क्या है? उत्तर - इन बातों पर ध्यान देवे । भोजन - जिसमें कार्बोहाईड्रेट की मात्रा कम हो, प्रोटीन की मात्रा अधिक हो और उसमें तेल की मात्रा भी कम हो। व्यायाम - कम से कम आधा घंटा घूमना, एक सप्ताह में कम से कम 5 दिन। लिफ्ट का प्रयोग न करें और लंबे समय की बैठक न करे। धुम्रपान - धुम्रपान को छोड़ दें। वजन - वजन नियंत्रण रखे। ब्लड़ प्रेशर - अपना बी. पी. नियंत्रित रखे। साथ ही शुगर पर भी नियंत्रण रखें। ❤प्रश्न 2- क्या माँसाहारी भोजन करना हृदय के लिये अच्छा है? उत्तर - नहीं। ❤प्रश्न 3- एक स्वस्थ आदमी को दिल का दौरा पड़ने की बात सुनकर बड़ा धक्का लगता है। इसकी वास्तविकता को कैसे समझे? उत्तर - इसे शांत अटैक कहा जाता है इसीलिये हम हर उस व्यक्ति को जो 30 वर्ष या उससे अधिक आयु का होता है को सलाह देते है कि वह नियमित स्वास्थ...

ॐ के लाभ:

ॐ के 11 शारीरिक लाभ: ॐ , ओउम् तीन अक्षरों से बना है। अ उ म् । "अ" का अर्थ है उत्पन्न होना, "उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास, "म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना। ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है। ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है। जानीए ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक और अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग... 1. ॐ और थायराॅयडः- ॐ का उच्‍चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। 2. ॐ और घबराहटः- अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं। 3. ॐ और तनावः- यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है। 4. ॐ और खून का प्रवाहः- यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है। 5. ॐ और पाचनः- ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है। 6. ॐ लाए स्फूर्तिः- इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है। 7. ॐ...

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😔कोर्ट में एक अजीब मुकदमा आया😔 😔एक सिपाही एक कुत्ते को बांध कर लाया😔 😔सिपाही ने जब कटघरे में आकर कुत्ता खोला😔 😔कुत्ता रहा चुपचाप, मुँह से कुछ ना बोला..!😔 😔नुकीले दांतों में कुछ खून-सा नज़र आ रहा था😔 😔चुपचाप था कुत्ता, किसी से ना नजर मिला रहा था😔 😔फिर हुआ खड़ा एक वकील ,देने लगा दलील😔 😔बोला, इस जालिम के कर्मों से यहाँ मची तबाही है😔 😔इसके कामों को देख कर इन्सानियत घबराई है😔 😔ये क्रूर है, निर्दयी है, इसने तबाही मचाई है😔 😔दो दिन पहले जन्मी एक कन्या, अपने दाँतों से खाई है😔 😔अब ना देखो किसी की बाट😔 😔आदेश करके उतारो इसे मौत के घाट😔 😔जज की आँख हो गयी लाल😔 😔तूने क्यूँ खाई कन्या, जल्दी बोल डाल😔 😔तुझे बोलने का मौका नहीं देना चाहता😔 😔लेकिन मजबूरी है, अब तक तो तू फांसी पर लटका पाता😔 😔जज साहब, इसे जिन्दा मत रहने दो😔 😔कुत्ते का वकील बोला, लेकिन इसे कुछ कहने तो दो😔 😔फिर कुत्ते ने मुंह खोला ,और धीरे से बोला😔 😔हाँ, मैंने वो लड़की खायी है😔 😔अपनी कुत्तानियत निभाई है😔 😔कुत्ते का धर्म है ना दया दिखाना😔 😔माँस चाहे किसी का हो, देखते ही खा...

ब्राह्मण

ब्राह्मण निर्धन होगा तो बनेगा सुदामा फिर एकदिन कृष्ण उसकी सेवा करेँगे.. ब्राह्मण अपमानित होगा तो बनेगा चाणक्य, फिर एक दिन नये राज्य कि स्थापना कर देगा,,, ब्राह्मण सटया जायेगा तो बनेगा परशुराम, फिर एक दिन पापीयो का विनाश कर देगा, ब्राह्मण पढेगा तो आर्यभट्ट बन जायेगा, फिर एक दिन पुरे विश्व को 0 (ZERO)दे जायेगा, ब्राह्मण जब वेद धर्म का विनाश देखेगा, तो आदि शँकराचार्य बन जायेगा फिर एक दिन वैदिक धर्म कि स्थापना कर देगा, ब्राह्मण जब लोगो को बीमार देखेगा तो चरक बन जायेगा, फिर एक दिन पुरे विश्व को आर्युवेद दे जायेगा, ब्राह्मण ने हमेशा अपने ज्ञान के प्रकाश से विश्व को प्रकाशित किया है, प्रणाम है ब्राह्मण समाज को. . कुछ बात है कि हस्ती मिटती नही हमारी. Dedicated 2 All Bramhins! ब्राह्मण धर्म - वेद ब्राह्मण कर्म - गायत्री ब्राह्मण जीवन - त्याग ब्राह्मण मित्र - सुदामा ब्राह्मण क्रोध - परशुराम ब्राह्मण त्याग - ऋषि दधिची ब्राह्मण राज - बाजीराव पेशवा ब्राह्मण प्रतिज्ञा - चाणक्य ब्राह्मण बलिदान - मंगल आजाद ब्राह्मण भक्ति - रावण ब्राह्मण ज्ञान - आदि गुरु शंकराचार्य ब्राह्मण सुधारक - महर्षि दयानंद ब्राह...

आज का आलेख

प्रत्येक लाइन गहराई से पढ़े- ✅ गरीब दूर तक चलता है..... खाना खाने के लिए......। ✅ अमीर मीलों चलता है..... खाना पचाने के लिए......। ✅ किसी के पास खाने के लिए..... एक वक्त की रोटी नहीं है..... ✅ किसी के पास खाने के लिए..... वक्त नहीं है.....। ✅ कोई लाचार है.... इसलिए बीमार है....। ✅ कोई बीमार है.... इसलिए लाचार है....। ✅ कोई अपनों के लिए.... रोटी छोड़ देता है...। ✅ कोई रोटी के लिए..... अपनों को छोड़ देते है....। ✅ ये दुनिया भी कितनी निराळी है। कभी वक्त मिले तो सोचना.... ✅ कभी छोटी सी चोट लगने पर रोते थे.... आज दिल टूट जाने पर भी संभल जाते है। ✅ पहले हम दोस्तों के साथ रहते थे... आज दोस्तों की यादों में रहते है...। ✅ पहले लड़ना मनाना रोज का काम था.... आज एक बार लड़ते है, तो रिश्ते खो जाते है। ✅ सच में जिन्दगी ने बहुत कुछ सीखा दिया, जाने कब हमकों इतना बड़ा बना दिया। जिंदगी बहुत कम है, प्यार से जियो 🌹रोज सिर्फ इतना करो -🌹 🔺गम को        "Delete" 🔺खुशी को       "Save" 🔺रिश्तोँ को      "Recharge" 🔺दोस्...

हार्दिक बधाई

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सफलता के 20 मँत्र

👉1.खुद की कमाई  से कम           खर्च हो ऐसी जिन्दगी           बनाओ..! 👉2. दिन  मेँ कम  से कम            3 लोगो की प्रशंशा करो..! 👉3. खुद की भुल स्वीकार ने            मेँ कभी भी संकोच मत            करो..! 👉4. किसी  के सपनो पर  हँसो            मत..! 👉5. आपके पीछे खडे व्यक्ति            को भी कभी कभी आगे            जाने का मौका दो..! 👉6. रोज हो सके तो सुरज को            उगता हुएदेखे..! 👉7. खुब जरुरी हो तभी कोई           चीज उधार लो..! 👉8. किसी के पास  से  कुछ   ...

जिला प्रमुख चुनाव 2015

चित्तौड़गढ़- लीला देवी जाट- बीजेपी टोंक- सत्यनारायण चौधरी- बीजेपी कोटा -सुरेंद्र गोचर- कांग्रेस दौसा- गीता खटाना- कांग्रेस पाली- पेमाराम- बीजेपी अजमेर- वंदना नोगिया- बीजेपी जोधपुर- पूनाराम चौधरी- बीजेपी राजसमंद- परेश सालवी- बीजेपी झालावाड़-टीना कुमारी- बीजेपी जैसलमेर- अंजना मेघवाल- कांग्रेस जालोर- डॉ. बन्ने सिंह- बीजेपी डूंगरपुर - माधवलाल वरहात बीजेपी बूंदी- सोनिया गुर्जर- कांग्रेस सिरोही- पायल परसरामपुरिया- बीजेपी सवाई माधोपुर- विनिता मीणा- कांग्रेस भीलवाड़ा- पीरंचद सिंघवी- बीजेपी जयपुर-मूलचंद मीणा- बीजेपी नागौर- सुनिता चौधरी- कांग्रेस बीकानेर- सुशीला सिंवर- कांग्रेस झुंझुनूं- सुमन राहिला- कांग्रेस करौली- अभय कुमार मीणा- कांग्रेस प्रतापगढ़- सारिका मीणा-बीजेपी अलवर- रेखा यादव- कांग्रेस बाड़मेर- प्रियंका - कांग्रेस चूरू- हरलाल सिंह सारण- बीजेपी भरतपुर- बीना सिंह- बीजेपी धौलपुर- धर्मपाल सिंह- बीजेपी बारां- नंद लाल सुमन- बीेजेपी हनुमानगढ़- कृष्ण चोटिया- बीजेपी श्रीगंगानगर- प्रियंका श्योराण- बीजेपी उदयपुर- शांतिलाल मेघवाल- बीजेपी सीकर- अर्पणा रोलण- बीजेपी बांसवाड़ा- रेशम मालवीया- कांग्रेस

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जो चाहा कभी पाया नहीं, जो पाया कभी सोचा नहीं, जो सोचा कभी मिला नहीं, जो मिला रास आया नहीं, जो खोया वो याद आता है पर जो पाया संभाला जाता नहीं , क्यों अजीब सी पहेली है ज़िन्दगी जिसको कोई सुलझा पाता नहीं... जीवन में कभी समझौता करना पड़े तो कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि, झुकता वही है जिसमें जान होती है, अकड़ तो मुरदे की पहचान होती है। ज़िन्दगी जीने के दो तरीके होते है! पहला: जो पसंद है उसे हासिल करना सीख लो.! दूसरा: जो हासिल है उसे पसंद करना सीख लो.! जिंदगी जीना आसान नहीं होता; बिना संघर्ष कोई महान नहीं होता.! जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है; कभी हंसती है तो कभी रुलाती है; पर जो हर हाल में खुश रहते हैं; जिंदगी उनके आगे सर झुकाती है। चेहरे की हंसी से हर गम चुराओ; बहुत कुछ बोलो पर कुछ ना छुपाओ; खुद ना रूठो कभी पर सबको मनाओ; राज़ है ये जिंदगी का बस जीते चले जाओ। "गुजरी हुई जिंदगी को                    कभी याद न कर, तकदीर मे जो लिखा है              ...

आज का विशेष

जब आप मंदिर नहीं जा पाए तो यह मत कहो कि वक्त नहीं मिला..!

महाराणा के हाथी कि कहानी

महाराणा के हाथी कि कहानी:- मित्रो आप सब ने महाराणा प्रताप के घोंड़े चेतक के बारे में तो सुना ही होगा, लेकिन उनका एक हाथी था। जिसका नाम था रामप्रसाद उसके बारे में आपको कुछ बाते बताता हु।